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जानिठमोटापा और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन में कà¥à¤¯à¤¾ अंतर है? पता लगाकर आप सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को कर सकते हैं काबू
फैट के जलने की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फैट का इकटà¥à¤ ा होना नà¥à¤•सानदेह है. मोटापा और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन का सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है. लेकिन इसको निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ कैसे किया जाठकि शरीर का वजन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है और कैसे पता लगाया जाठकि मोटापे की दहलीज पर आप पहà¥à¤‚च गठहैं.
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन और मोटापा से हर साल लाखों लोग पीड़ित हो रहे हैं. लेकिन सवाल है कि मोटापा और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन में कà¥à¤¯à¤¾ फरà¥à¤• है, दोनों के बीच कैसे अंतर करें? हर इंसान का आदरà¥à¤¶ वजन उसके कद से तय होता है. अगर उसका वजन उसके कद से 25 फीसद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है, तब उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन माना जाà¤à¤—ा. मोटापा और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन में अंतर करने का आधार बॉडी मास इंडेकà¥à¤¸ यानी इंसानी शरीर का ढांचा है. बॉडी मास इंडेकà¥à¤¸ के आधार पर वजन और ऊंचाई और उमà¥à¤° का पता लगाया जाता है.
आम तौर पर 25-29.9 बॉडी मास इंडेकà¥à¤¸ वाले शखà¥à¤¸ का वजन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समà¤à¤¾ जाता है, जबकि 30 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बॉडी मास इंडेकà¥à¤¸ वाले शखà¥à¤¸ को मोटा माना जाता है. उसका मतलब हà¥à¤† कि 30 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बॉडी मास इंडेकà¥à¤¸ होने पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन से पार कर मोटापा को पहà¥à¤‚च गठहैं और ये आधार पà¥à¤°à¥à¤· और महिला दोनों के लिठहै. अपने बॉडी मास इंडेकà¥à¤¸ का पता लगाने के लिठअपने वजन को पाउंड में 704.5 से गà¥à¤£à¤¾ करें. फिर, नतीजे का विà¤à¤¾à¤œà¤¨ अपने कद से इंच में करें और उस नतीजे को अपने कद से दूसरी बार इंच में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ करें.
इस तरह, अगर आपका बॉडी मास इंडेकà¥à¤¸ 25 और 29.9 के बीच है, तब इसका मतलब जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन हà¥à¤†. 30 बॉडी मास इंडेकà¥à¤¸ या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ को मोटापा समà¤à¤¾ जाà¤à¤—ा. गौर करनेवाली बात ये है कि बॉडी मास इंडेकà¥à¤¸ शरीर के फैट का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगाता है. हर शखà¥à¤¸ को ऊरà¥à¤œà¤¾ और अनà¥à¤¯ अंगों के काम की खातिर शरीर के फैट की जरूरत होती है. लेकिन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शरीर के फैट से गहरी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं. जितना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शरीर का फैट होगा, उतना ही बड़ा खतरा डायबिटीज, किडनी की बीमारी, दिल की बीमारी और अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठहोगा.
मोटापा और वजन किन वजहों से बढ़ता है? लोग अधिक वजन वाले मोटे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कैलोरी के सेवन से होते हैं. शरीर में दाखिल होनेवाली ऊरà¥à¤œà¤¾ और उससे निकलनेवाली ऊरà¥à¤œà¤¾ में संतà¥à¤²à¤¨ न होने की वजह से वजन बढ़ता है औ फैट चढ़ता है. वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® की कमी, खराब डाइट या खराब à¤à¥‹à¤œà¤¨ के विकलà¥à¤ª, परिवार के मोटापा या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन होने का इतिहास à¤à¥€ उसमें योगदान करते हैं.
कà¥à¤¯à¤¾ सेहत को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन घटाकर सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¾ जा सकता है? विशेषजà¥à¤ž सहमत हैं कि मामूली वजन घटाने से à¤à¥€ डायबिटीज, दिल की बीमारी, हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° समेत सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को रोकने या काबू करने में मदद मिल सकती है. जितना करीब आपका वजन सामानà¥à¤¯ होगा, उतना ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ को फायदा पहà¥à¤‚चेगा.
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